सामाजिक दूरी में सोशल मीडिया ही सहारा

एक ओर लॉकडाउन में लोगों को सामाजिक दूरी रखने को कहा जा रहा है। दूसरी ओर सोशल मीडिया लोगों के टाइमपास का सहारा बन गई है। साथ ही इससे लोगों को जागरूक करने वाले संदेश भेजे जा रहे हैं। जहां यह लोगों को गुदगुदाने का काम करते हैं साथ ही जागरूक भी करते हैं।


लॉकडाउन के बाद लोग तरह तरह से समय व्यतीत करने में जुटे हुए हैं। सबसे ज्यादा सोशल मीडिया ही उनका सहारा बनी हैं। दिन पर दिन नए लतीफे और जागरूकता के संदेश वायरल होते जा हैं। अब तक सबसे ज्यादा पति-पत्नी के लतीफे ट्रेंड कर रहे थे। वहीं जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को घर पर दीपक आदि जलाने की बात कही है तब से इससे संबंधित संदेशों की बाढ़ सी आ गई है। व्हाट्सएप ग्रुप हों या अन्य सोशल साइट यह संदेश लोगों को जमकर हंसा रहे हैं।
ये संदेश हो रहे वायरल
- जिंदगी बिग बॉस जैसी हो गई है, मोदी जीआते हैं और टास्क देकर चले जाते हैं।
- पहले थाली, अब दीवाली, तभी तो आएगी खुशहाली।
- जिंदगी लूडो की गोटी की तरह हो गई है, घर में रहो तब तक कोई नहीं मार सकता।
टाइम पास का सिर्फ सोशल सहारा
- वैसे तो सोशल दूरी हो गई है, लेकिन सोशल मीडिया ही टाइमपास का सहारा है। इसी माध्यम से हम एक दूसरे को जागरूक कर रहे हैं- वरूण चौहान।
सोशल मीडिया जरूरी है
- जागरूकता करानी हो या फिर समय व्यतीत करने की बात हो। इस सब के लिए सोशल मीडिया जरूरी है। लोग इस माध्यम से चुटकी लेते हुए जागरूकता भी कर रहे हैं- सचिन सोलंकी।
रिपोर्ट एवं संपादन अजय झंवर