नगला अखे के वशिंदों की पूरी नहीं हुई विकास की आस

ग्राम प्रधान का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने को है, लेकिन ग्रामसभा जटपुरा के मजरे नगला अखे के बाशिंदों की विकास की आस पूरी नहीं हुई है। गांव की गलियों में कीचड़ भरा हुआ है। ग्रामीण अपने आपको सौतेले व्यवहार का शिकार मानते हैं।


 

गांव की अधिकांश गलियां कच्ची हैं। प्राथमिक विद्यालय के लिए जाने वाले रास्ते को भी पक्का नहीं कराया गया है। इससे बच्चे कीचड़ से होकर गुजरते हैं। ग्रामसभा की ओर से एक हैंडपंप लगाया गया है, लेकिन नल के पास पक्की पटिया नहीं बनाई गई है। स्कूल का शौचालय सिर्फ नाम के लिए ही बना है उसके गड्ढे अभी तक पक्के नहीं कराए गए हैं।
हाईलाइटर्स
-02 गांव शामिल हैं ग्रामसभा जटपुरा में
-7500 ग्रामसभा जटपुरा की है आबादी
-2600 ग्रामसभा जटपुरा में हैं मतदाता
ग्रामसभा में बनवाए गए 35 शौचालय
ग्रामसभा जटपुरा में 35 शौचालय बनवाए गए हैं, जिनमें से 10 नगला अखे में बनवाए गए हैं। जटपुरा में इंटरलॉकिंग सड़कें बनवाई गई, लेकिन नगला अखे की अनदेखी की गई। इंटर लॉकिंग तो दूर खड़ंजा तक नहीं बनवाया गया।
बोले ग्रामीण
गांव के चारों तरफ सफाई कर्मी न आने के कारण गंदगी के अंबार लगने से बदबू फैली रहती है। इससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है।
भानुमती
गांव की गलियां कच्ची होने के बावजूद भी प्रधान ने इस मजरे से सौतेला व्यवहार किया है। प्रधान को इससे कोई लेना देना नहीं है।
संदीप यादव
नगला अखे की हर गली बदहाल है। कच्ची गलियों में साल भर कीचड़ भरा रहता है। कीचड़ के बीच से होकर गुजरना ग्रामीणों की मजबूरी है।
सोबरन सिंह
नगला अखे के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। प्रधान से कहने पर भी प्रधान ने सुनवाई नहीं की है। सौतेला व्यवहार किया गया है।
राजा दुबे
ग्रामसभा के विकास के लिए जो धनराशि मिली उससे ही विकास कार्य वरीयता से कराए गए। नगला अखे में विकास ग्रामसभा की कार्य योजना में शामिल हैं।
रामबाबू जाटव, प्रधान
विकास के नाम पर ग्रामसभा में गोलमाल हुआ है। पुरानी सड़कों पर काम दिखाया गया है। शौचालय बदहाल हो चुके हैं। नगला अखे की अनदेखी हुई है।
लालाराम जाटव, पूर्व प्रधान